pakistan Share Market
पाकिस्तान का शेयर बाजार इन दिनों भारी उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है। 22 अप्रैल को भारत के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने कड़ी कार्रवाई की, जिससे पाकिस्तान में डर और अनिश्चितता का माहौल बन गया। इसका सीधा असर पाकिस्तान की कैपिटल मार्केट पर पड़ा है।
KSE-100 में भारी गिरावट
22 अप्रैल के हमले के बाद से पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज का बेंचमार्क KSE-100 इंडेक्स 7,100 अंकों या 6% से अधिक गिर चुका है। 30 अप्रैल को तो एक ही दिन में इंडेक्स 3.09% लुढ़क गया और 111,326.57 के स्तर पर बंद हुआ। यह हाल के हफ्तों की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक थी।
भारत की सख्त कार्रवाई
भारत सरकार ने आतंकी हमले के बाद कई कड़े कदम उठाए:
सिंधु जल संधि को निलंबित किया गया।
अटारी बॉर्डर के इंट्रीगेटेड चेक पोस्ट को बंद किया गया।
हाई कमीशन में राजनयिकों की संख्या घटाई गई।
और सबसे अहम, सशस्त्र बलों को जवाबी कार्रवाई की छूट दी गई।
इन सब वजहों से पाकिस्तान के बाजार में डर का माहौल बन गया, जिससे निवेशकों ने तेजी से पैसा निकालना शुरू कर दिया।
2 मई को जोरदार रिकवरी
हालांकि, 2 मई को KSE-100 इंडेक्स में जोरदार रिकवरी देखने को मिली।
इंडेक्स 2,785 अंक या 2.5% उछलकर 114,119 पर पहुंचा।
इसका मुख्य कारण था:IMF समीक्षा से राहत की उम्मीदमॉनिटरी पॉलिसी में नरमीऔर सबसे अहम, भारत-पाक तनाव को कम करने के लिए अमेरिका की संभावित मध्यस्थता
इस रिकवरी को कुछ विश्लेषकों ने “डेड कैट बाउंस” यानी अस्थायी सुधार बताया है, लेकिन कुछ जानकार इसे संभावित शांति रैली (Peace Rally) कह रहे हैं।
क्या यह राहत स्थायी है?
मार्केट एनालिस्ट का कहना है कि जब तक भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव में कमी नहीं आती, तब तक बाजार में स्थिरता नहीं आ पाएगी। हालांकि, अमेरिका जैसे देशों के हस्तक्षेप से निवेशकों को उम्मीद है कि सैन्य टकराव से बचा जा सकता है।